ऑनलाइन रामायण मंचन

'प्री.स्कूल एवं प्री.प्राइमरी के नन्हे - नन्हे बच्चों का अद्भुत प्रदर्शन'
भारतीय संस्कृति अपने उच्च आदर्शों एवं मानवीय . मूल्यों की संरक्षिका के रूप में विश्व .
विख्यात है और भारत. भूमि इन संस्कारों के पालन.पोषण के लिए सर्वदा उपयुक्त।
यही वह भूमि है जहाँए एक मनुष्य को आदर्श मानव बनने की शिक्षा उसके शैशव काल से ही
प्रारंभ हो जाती है। नन्हीं कोपलों के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ 'नेशनल विक्टर
पब्लिक स्कूल' एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान है जिसने उन कोंपलों को सुगंधित पुष्प बनाने के
कर्तव्य को अपने अनेक प्रयासों द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया है।
चाहे अनेक बाधाएँ आ जाएँ परंतु अपने लक्ष्य को प्राप्त करना उसका कर्तव्य रहा है। आज के
बच्चे कल का भविष्य हैं। वर्तमान समय में, उनमें त्याग, कर्तव्य, नीति, धर्म, लोक - कल्याण
एवं पारिवारिक - संबंधों की उचित समझ विकसित करना एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी महान
उद्देश्य की पूर्ति के लिए नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल द्वारा 'रामायण मंचन' का आयोजन
ऑनलाइन कक्षा के माध्यम से किया गया।
संपूर्ण रामायण और उसके विभिन्न प्रसंगों को कुल 11 दृश्यों में दर्शाया गया। कथा का प्रारंभ
प्रथम दृश्य से होता है जिसमें राजा दशरथ द्वारा यज्ञ एवं पुत्रों की प्राप्ति का प्रस्तुतीकरण है।
इसके उपरांत श्रीराम के जीवन से जुड़े सभी प्रमुख प्रसंगों - चारों भाइयों की गुरुकुल शिक्षा,
ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, सीता-स्वयंवर राम का वन गमन, सीता हरण आदि के भावपूर्ण
मंचन के साथ कथा राम - रावण युद्ध की ओर बढ़ती है। अंतत: रावण के वध के साथ बुराई
पर अच्छाई की जीत का जयघोष करते हुए राम राज्याभिषेक और राम गुणगान से सारा
वातावरण राममय हो जाता है। नन्हे कलाकारों द्वारा मार्मिक प्रसंगों का ऐसा अलौकिक चित्रण
सराहनीय है।
'ऑनलाइन रामायण मंचन' बच्चों, अभिभावकों, अध्यापकों एवं प्रशासन सभी के लिए नवीन एवं
सुखद अनुभव रहा। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती वीणा मिश्रा जी ने अपने शुभ वचनों
द्वारा अभिभावकों के सहयोग, शिक्षिकाओं के प्रयासों एवं अद्भुत बाल कलाकारों की सराहना
की।

जय श्री राम

October 22, 2020