रामायण मंचन  (दिवस ४) 

सीता राम चरित्र अति पावन 
मधुर , सरस, और अति मन भावन ।
पुनि - पुनि कितने ही सुने - सुनाही 
दिल की प्यास बुझत न बुझाई ।।

रामचरित्र मानस की प्रत्येक पंक्ति मन को पावन करने में सक्षम  है । राम नाम की पावनी  से पावन इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आज चैथा दिन भी पूर्ववत राममय था ।

आज रावण का अपनी मायावी शक्तियों द्वारा  सीता जी का हरण करना , राम जी का सीता - विरह का करुण चित्रण , जटायु वध , राम - सुग्रीव मिलाप , बाली - वध , राम सेतु निर्माण, का प्रभावपूर्ण चित्रण किया गया ।


नन्हे कलाकारों द्वारा मार्मिक प्रसंगों का  ऐसा अलौकिक चित्रण सचमुच सराहनीय है । 

October 21, 2019